April 20, 2026

गरुड़चट्टी-नीलकंठ मोटर मार्ग का पैचवर्क हर हाल में 15 मई तक पूरा करें अधिकारी— डीएम

जोगियाणा को वेलनेस डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में कार्य तेज, डीएम ने आयुर्वेद विलेज के निर्माण कार्यों का किया स्थालीय निरीक्षण

जोगियाणा (मोहनचट्टी) आयुर्वेदिक विलेज के रूप में हो रहा विकसित, योग, ध्यान व पंचकर्म सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने यमकेश्वर के मोहनचट्टी स्थित विकसित किए जा रहे आयुर्वेदिक विलेज जोगियाणा में निर्माणाधीन योगा हॉल एवं पंचकर्म यूनिट के साथ-साथ गरुड़चट्टी–नीलकंठ मोटर मार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आयुर्वेदिक विलेज की परिकल्पना के अनुरूप कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने, वेलनेस गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा मोटर मार्ग पर पैचवर्क एवं जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि योगा हॉल एवं पंचकर्म यूनिट का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जोगियाणा (मोहनचट्टी) को आयुर्वेदिक विलेज के रूप में विकसित किए जाने की कड़ी में योगा हॉल एवं पंचकर्म केंद्र जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। इसके विकसित होने से क्षेत्रीय नागरिकों को बेहतर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ यह स्थल एक प्रमुख वेलनेस एवं पर्यटन केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिकी को भी बढ़ावा मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व उपनिरीक्षक को निर्देशित किया कि चिकित्सालय से संबंधित भूमि की समस्याओं के समाधान हेतु सरकारी भूमि का सीमांकन शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि योगा हॉल एवं पंचकर्म यूनिट के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक उपकरणों एवं सामग्री की विस्तृत सूची तैयार कर जिला योजना में प्रस्तावित किया जाए।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्था को निर्देशित किया कि पंचकर्म यूनिट एवं योगा हॉल का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि परिसर सुव्यवस्थित, खुला एवं आकर्षक प्रतीत हो। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि प्रवेश द्वार को टाइल्स के स्थान पर सौंदर्यपरक एवं थीम आधारित डिज़ाइन, जैसे स्टोन फिनिश तथा वुडन लुक के अनुरूप विकसित किया जाए, जिससे चिकित्सालय का वातावरण अधिक सुसंगत एवं आकर्षक बन सके। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय के पीछे कि ओर से गुजर रही गूल (नहर) को कवर करने के भी निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इसके अलावा उन्होंने औषधि वितरण केंद्र, शल्यशालाक्य कक्ष एवं पुरुष वार्ड का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में पड़े ठोस अपशिष्ट को तत्काल हटाने तथा परिसर में हर्बल गार्डन का निर्माण किया जाए जिसमें औषधीय पौधे तथा उनके उपयोग के बारे में जानकारी हो। तत्पश्चात्‌ इसका उचित ढंग से रख रखाव भी सुनिश्चित किया जाए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने गरुड़चट्टी–नीलकंठ मोटर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी 15 मई तक मार्ग पर आवश्यक पैचवर्क व इंटरलॉकिंग टाइल्स का कार्य पूर्ण कर उसकी फोटोग्राफ्स सहित प्रगति आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने उप जिलाधिकारी को भी निर्देश दिए कि 15 मई को उक्त मोटर मार्ग का पुनः निरीक्षण कर विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

जिलाधिकारी ने रत्तापानी क्षेत्र के समीप स्थित काजवे (पुलिया) की समुचित सफाई कराने तथा वर्षा जल के सड़क पर बहाव को रोकने हेतु जल निकासी की प्रभावी एवं व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि आवागमन सुरक्षित एवं सुचारू बना रहे।

इस अवसर पर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र पांडे, नायब तहसीलदार वैभव जोशी, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. तृप्ति नेगी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग श्रीपति डोभाल, राजस्व उपनिरीक्षक अतुल बलोदी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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