हरिद्वार। लक्सर सिविल कोर्ट में अधिवक्ता मांगेराम ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि लक्सर कोतवाली क्षेत्र के केहड़ा गांव निवासी चरण सिंह और सोनू 10 मार्च 2024 को उनके चेंबर (ऑफिस) में आए। दोनों ने बताया कि गांव के विकास की 2200 वर्ग फीट भूमि है। जिसमें से 1263 वर्ग फीट भूमि अधिवक्ता प्रमोद ने खरीद ली गई है। दोनों ने शेष भूमि खरीदने के लिए ऑफर किया। अगले ही दिन चरण और सोनू ने भूमि देखने के लिए मौके पर बुलाया। अधिवक्ता ने दोनों से भूमि पर किसी तरह के विवाद की बात कही तो दोनों ने इससे साफ इनकार किया।
इसके बाद अधिवक्ता मांगेराम ने 12 मार्च को भूमि का सौदा करते हुए अपने बेटे अंकित और अमन के नाम भूमि की रजिस्ट्री कराई। इसके लिए 4 लाख 15 हजार रुपए में भूमि का सौदा और रजिस्ट्री हुई। जिसमें से दो लाख 65 हजार की धनराशि नकद और 1 लाख 50 हजार रुपये का बैंक चेक चरण और सोनू को दिया गया। इसके बाद मांगेराम 20 मार्च को मजदूरों को लेकर भूमि की नींव रखने गया तो मौके पर मौजूद गांव के वेदपाल ने भूमि को अपनी बताते हुए नींव रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद मांगेराम चरण सिंह और सोनू के पास गया तो उन्होंने पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया। दोनों ने इस विवाद से किसी तरह का कोई वास्ता न होने की बात कही। इसके बाद भी मांगेराम ने कई बार दोनों से विवाद पर बात की लेकिन उसके बाद भी जमीन का कब्जा नहीं मिल पाया। जिसके बाद आखिर में पीड़ित अधिवक्ता मांगेराम ने पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए तहरीर दी। पुलिस ने भी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जमीन बेचने के नाम पर अधिवक्ता से धोखाधड़ी
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